नमस्कार दोस्तों
भारत एक विशाल देश है यहां पर समय-समय पर विभिन्न प्रकार के त्यौहार मनाए जाते हैं। भारतवर्ष को त्यौहारों का देश भी कहा जाता है आपको बता दें कि भारत देश में अनेक प्रकार के त्यौहार मनाए जाते हैं। जिनमें प्रमुख के होली, दिवाली, रक्षाबंधन, महाशिवरात्रि, गणेश पूजा, जन्माष्टमी, दुर्गा पूजा इत्यादि।
श्री कृष्ण अष्टमी भारतवर्ष का एक प्रमुख त्यौहार है। यह त्योहार श्री कृष्ण जी के जन्म की खुशी में मनाया जाता है। आपको बता दें कि श्री कृष्ण जन्माष्टमी प्रत्येक वर्ष भादो माह की कृष्ण पक्ष अष्टमी को मनाया जाता है। इस दिन श्री कृष्ण जी का जन्म हुआ था उनका जन्म मथुरा नरेश कंस की कारावास में हुआ था।
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| Krishna Janmashtami |
श्री कृष्ण जी ने अपने जीवन काल में अनेकों प्रकार की लीला की जैसे कि पूतना का वध, बकासुर का वध, कालीदह में कालिया नाग का वध तथा कंस का वध इत्यादि लीला उन्होंने अपने जीवन काल में की। जिस कारण से उनको लोग पूर्ण परमात्मा मानते हैं लेकिन ऐसा कहना सही नहीं है क्योंकि पूर्ण परमात्मा कभी भी किसी की मां के गर्भ से जन्म नहीं लेते और ना ही वह स्तनपान करते हैं। जबकि श्री कृष्ण जी ने अपनी माता यशोदा का दूध पिया है गायों का भी दूध पिया था आपको बता दें कि वेदों के अनुसार पूर्ण परमात्मा केवल और केवल कुंवारी गायों का दूध पीते हैं जबकि कृष्ण जी गाय का दूध पीते थे ना कि कुंवारी गाय का।
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Krishna
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श्री कृष्ण जी भगवान तो थे लेकिन वह केवल तीन लोक के स्वामी थे जबकि वेदों में बताया गया है कि परमात्मा का नाम कविर्देव है और वह अशंख ब्रह्मंड का स्वामी है आपको बता दें कि वह पूर्ण परमात्मा कबीर साहेब आज से 630 वर्ष पूर्व काशी नगर में लहरतारा नामक तालाब के किनारे प्रकट हुए तथा 120 वर्षों तक अनेकों प्रकार की लीलाएं की जिनमें प्रमुख थी काशी नगर में प्रवाहित आमी नदी जो कि भगवान शंकर के श्राप से सूख गई थी उसको पुनः जीवित किया व कमाल तथा कमाली नाम के दो बच्चों को जीवित किया ऐसी अनेकों प्रकार की लीला है जिन से हम समझ सकते हैं कि पूर्ण परमात्मा कविर्देव अर्थात कबीर साहेब थे और उनका प्रमाण वेदों में भी मिलता है तथा सभी धर्मों के पवित्र पुस्तकों में प्रमाण मिलता है कि पूर्ण परमात्मा का नाम कविर्देव अर्थात कबीर साहेब है।
प्रमाण के लिए देखे :-
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| वेदों में प्रमाण कबीर साहेब भगवान |
श्री कृष्ण जी केवल और केवल अवतार थे वह कोई पूर्ण परमात्मा नहीं थी आपको बता दें किस श्री कृष्ण जी तीन लोकों के स्वामी हैं जबकि पूर्ण परमात्मा कविर्देव अर्थात कबीर साहेब अशंख ब्रह्मांड के स्वामी वही सब के पालनहार व सृष्टिकर्ता हैं।
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| संतो की वाणी में प्रमाण कबीर साहेब भगवान |
उन्होंने ब्रह्मांड की आदि से लेकर अंत तक की रचना अपनी कबीर वाणी में प्रमाण सहित बताई है वर्तमान समय में कबीर परमेश्वर जी के अवतार
संत रामपाल जी महाराज वो सत्य ज्ञान को बता रहे हैं जिससे मनुष्य का मोक्ष हो सकता है अतः आपसे अनुरोध है कि उस ज्ञान को समझकर संत रामपाल जी की शरण ग्रहण करें व सत भक्ति करके सनातन परमधाम को प्राप्त करें अपना मोक्ष कराये।
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