गुरु बिन मोक्ष क्यों नहीं ? नमस्कार दोस्तों आज प्रत्येक मनुष्य अनेकों धर्म में अनेकों प्रकार के भगवानों, देवताओं की साधना करते हैं आखिर वो यह साधना क्यों करते हैं। इसकी क्या वजह है कि वह तरह-तरह के मार्ग अपनाते हैं अनेकों प्रकार की पूजा विधि करते हैं। तो आप बता दें यह सब क्रियाएं केवल और केवल सुख शांति व मोक्ष प्राप्त करने के लिए की जाती है। मनुष्य जीवन का परम उद्देश्य केवल और केवल मोक्ष प्राप्त करना है क्योंकि परमात्मा ने मनुष्य को अपने स्वरूप का बनाया है। और मनुष्य स्वरूप में ही जीव आत्मा मोक्ष प्राप्त कर सकती है। यहां तक कि देवता गण भी मोक्ष प्राप्त नहीं कर सकते। मनुष्य जीवन का परम उद्देश्य:- सभी लोग जानते हैं कि मनुष्य जीवन का परम उद्देश्य भगवान की प्राप्ति करना तथा जन्म मरण के चक्र से मुक्त होना है। आपको यह बात भी पता है कि भगवान की सत्य भक्ति के बिना मनुष्य कभी भी सुख से नहीं रह सकता तथा मोक्ष भी नही पा सकता। मोक्ष प्राप्ति के लिए अनेकों धर्म के लोग अनेकों प्रकार की क्रियाकलाप ...
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Mahashivratri
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महाशिवरात्रि का व्रत कितना लाभदायक है ? भारत एक धार्मिक संप्रदाय वाला देश है यहां पर अनेकों धर्म के लोग निवास करते हैं जिनमें प्रमुख हैं हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई, जैन, बौद्ध इत्यादि । सभी धर्म के लोग अपनी अपनी मान्यताओं के अनुसार अनेको त्यौहार मनाते हैं जिनमें हिंदू धर्म इसमें बहुत आगे है । हिंदू धर्म में समय-समय पर अनेकों प्रकार के त्योहार मनाए जाते हैं जैसे होली, दीवाली , रक्षाबंधन , श्री कृष्ण जन्माष्टमी, महाशिवरात्रि , गणेश चतुर्थी आदि । आज हम महाशिवरात्रि के विषय पर चर्चा करेंगे आपको बता दें कि महाशिवरात्रि हिंदू धर्म का एक प्रमुख त्योहार है । तथा इसे विशेष धूमधाम के साथ मनाया जाता है। यह त्योहार हिंदू कैलेंडर के अनुसार प्रत्येक वर्ष फाल्गुन मास की कृष्ण पक्ष चतुर्दशी को मनाया जाता है। यदि हम अंग्रेजी कैलेंडर की बात करें तो यह पर्व लगभग फरवरी के अंत में तथा मार्च के प्रारंभ में आता है। इस दिन शिवलिंग के रुद्राभिषेक का विशेष महत्व होता है। हिंदू धर्म के लोग इस दिन व्रत उपवास करते है...
Jagannath Temple History
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भारत में लाखों मंदिर हैं जिनमें प्रमुख हैं भारत के चार धाम बद्रीनाथ, रामेश्वरम, द्वारकापुरी व जगन्नाथपुरी । यह चारों धाम अपने आप में अपना अपना विशेष महत्व रखते हैं आज हम बात करेंगे जगन्नाथ पुरी की जो कि उड़ीसा में स्थित है। जो अपने इतिहास और स्थापना को लेकर कई रहस्य छुपाए हुए हैं आज हम आपको जगन्नाथ पुरी मंदिर व उसके रहस्यों से अवगत कराएंगे। Jagannath Temple Orissa जगन्नाथ मंदिर का निर्माण कैसे हुआ व किसने करवाया:- उड़ीसा के जगन्नाथ पुरी मंदिर का निर्माण राजा इंद्रदमन ने करवाया था। बात उस समय की है जब कृष्ण जी अपनी मरण सैया पर थे तो उन्होंने पांडवों से कहा था कि आप मेरी अस्थियों को एक संदूक में भर के समुद्र में प्रवाह देना। पांडवों ने ऐसा ही किया कृष्ण जी की अस्थियां कुछ समय बाद ओडिशा के तट पर आ गई तथा भगवान कृष्ण ने उड़ीसा के राजा इंद्रदमन को स्वप्न में दर्शन दिए और कहा हे राजन आपको समुद्र के किनारे एक संदूक में मेरी अस्थियां मिलेंगी जहां पर वह अस्थियां मिले वहां पर आप मेरा मंदिर बना देना और उ...
Shri Krishna Janmashtami
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नमस्कार दोस्तों भारत एक विशाल देश है यहां पर समय-समय पर विभिन्न प्रकार के त्यौहार मनाए जाते हैं। भारतवर्ष को त्यौहारों का देश भी कहा जाता है आपको बता दें कि भारत देश में अनेक प्रकार के त्यौहार मनाए जाते हैं। जिनमें प्रमुख के होली, दिवाली, रक्षाबंधन, महाशिवरात्रि, गणेश पूजा, जन्माष्टमी, दुर्गा पूजा इत्यादि। श्री कृष्ण अष्टमी भारतवर्ष का एक प्रमुख त्यौहार है। यह त्योहार श्री कृष्ण जी के जन्म की खुशी में मनाया जाता है। आपको बता दें कि श्री कृष्ण जन्माष्टमी प्रत्येक वर्ष भादो माह की कृष्ण पक्ष अष्टमी को मनाया जाता है। इस दिन श्री कृष्ण जी का जन्म हुआ था उनका जन्म मथुरा नरेश कंस की कारावास में हुआ था। Krishna Janmashtami श्री कृष्ण जी ने अपने जीवन काल में अनेकों प्रकार की लीला की जैसे कि पूतना का वध, बकासुर का वध, कालीदह में कालिया नाग का वध तथा कंस का वध इत्यादि लीला उन्होंने अपने जीवन काल में की। जिस कारण से उनको लोग पूर्ण परमात्मा मानते हैं लेकिन ऐसा कहना सही नहीं है क्योंकि पूर्ण परमात्मा कभी भी कि...
Holy Bible
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Bible नमस्कार दोस्तों आपको बता दें कि विश्व में अनेक प्रकार के धर्म है तथा सभी धर्मों की अलग-अलग धार्मिक पुस्तक हैं उनमें प्रमुख धर्म है हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई, बौद्ध, जैन इत्यादि। तथा प्रत्येक धर्म की अलग-अलग धार्मिक पुस्तकें हैं जैसे कि वेद, गीता, कुरान, बाइबिल, गुरु, ग्रंथ साहिब इत्यादि। पवित्र बाइबिल पवित्र बाइबल ईसाई धर्म की पवित्र पुस्तक मानी जाती है आपको बता दें कि पवित्र बाइबल में प्रमाण मिलता है कि ईश्वर ने 6 दिन में सृष्टि की रचना करें तथा सातवें दिन तखत पर जा विराजा। इससे प्रमाणित होता है कि वह परमात्मा साकार है तथा मनुष्य सदृश है। पवित्र बाइबल में पूर्ण परमात्मा ने कहीं भी मांस खाने का आदेश नहीं दिया है उन्होंने मनुष्य के खाने के लिए छोटे बीज छूटे बीज दार फल व पेड़ पौधे खाने के लिए आदेश दिया है। आपको बता दें कि पवित्र सद ग्रंथों का तत्वज्ञान मनुष्य तभी पूर्ण तरीके से प्राप्त कर सकता है जब उसको सच्चा सतगुरु मिल जाए वर्तमान समय में वह सतगुरु संत रामपाल जी महाराज हैं अतः सभी धर्म प्रेमी बंधुओं से आग्रह है कि संत ...
श्रीमद्भागवत गीता
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नमस्कार दोस्तों आज हम बात करेंगे श्रीमद भगवत गीता पर। जैसा कि पवित्र हिंदू धर्म में अनेकों प्रकार की धार्मिक पुस्तक है जिनमें प्रमुख ने पवित्र चारों वेद रामायण महाभारत पुराण श्रीमद् देवी भागवत गीता इत्यादि अगर हम श्रीमद् देवी भागवत गीता की बात करें तो इसके लेखक श्री वेदव्यास जी हैं। जिन्होंने वेदों को भी लिखा। पवित्र हिंदू धर्म में माना जाता है कि गीता जी का अनमोल ज्ञान भगवान श्री कृष्ण ने दिया था जबकि ऐसा कहना अनुचित है क्योंकि गीता जी के अध्याय 11 के श्लोक 32 में कोई शक्ति कह रही है कि मेरा नाम काल है और मैं अभी-अभी प्रवृत्त हुआ हूं। तथा सभी लोगों पर नाश करने के लिए प्रकट हुआ। यह बात पवित्र हिंदू धर्म ग्रंथ गीता जी में स्पष्ट है जिसका यथार्थ अनुवाद संत रामपाल जी महाराज ने करके बता रहा है आपको बता दें कि संत रामपाल जी महाराज सभी पवित्र हिंदू ग्रंथों मुस्लिम ग्रंथों तथा बाइबल वह गुरु ग्रंथ साहिब का यथार्थ अनुवाद करके दिखाते हैं। अतः उनके ज्ञान को समझने की कोशिश करें। धन्यवाद
52 Cruelities On GodKabir
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कबीर साहेब जी को 52 बार मारने की कोशिश कैसे नाकाम हुई? कबीर साहेब जी को तो आप सभी जानते ही होंगे वही कबीर साहेब जो 623 वर्ष पूर्व काशी में लहरतारा नामक तालाब पर प्रकट हुए तथा 1 जुलाहे की भूमिका निभाई। वास्तव में वह एक जुलाहे नहीं थे वह पूर्णब्रह्म परमपिता परमात्मा कबीर देव थे। जिन्हें वेदों में कविर्देव तथा कुरान में कबीरन (कबीरा) कहा जाता है। Real God Kabir हम आपको बताएंगे कि किस तरह कबीर परमात्मा को 52 बार मारने की कोशिश की गई और कबीर परमात्मा ने किस प्रकार उन कोशिशों को नाकाम किया? "खूनी हाथी से मरवाने की व्यर्थ चेष्टा" शेखतकी के कहने पर दिल्ली के बादशाह सिकंदर लोधी ने कबीर परमेश्वर को खूनी हाथी से मरवाने की आज्ञा दे दी। शेखतकी ने महावत से कहकर हाथी को एक-दो शीशी शराब की पिलाने को कहा। हाथी मस्ती में भरकर कबीर परमेश्वर को मारने चला। कबीर जी के हाथ-पैर बाँधकर पृथ्वी पर डाल रखा था। जब हाथी परमेश्वर कबीर जी से दस कदम (50 फुट) दूर रह गया तो परमेश्वर कबीर के पास बब्बर शेर खड़ा केवल हाथी को दिखाई दिया। हाथी डर से चिल्लाकर (चिंघाड़ मारकर) भागने लगा। परमेश्वर के सब ...